motivational story in hindi (आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है)

overcome laziness

How to Overcome Laziness ..(motivational story in hindi)

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं यह वाक्य तो सुना होगा Laziness is the biggest Enemy motivational story in Hindi यह कहानी हमें कर्म का महत्व समझाती हैं | साथ ही बताती हैं कि जो व्यक्ति कर्महीन हैं उनके पास पड़ा पारस का पत्थर भी एक आम पत्थर की भांति ही हैं |

motivational story in hindi
How to Overcome Laziness
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“आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं”
Laziness is the Biggest Enemy

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यह कहानी शुरू होती है एक गुरुकुल से जहॉ एक प्रतापी गुरु रहते थे और गुरुकुल में उपस्तित सभी शिष्यों को अध्ययन करवाते थे और वो अपने सभी शिष्यों से बहुत प्रेम करते थे | वे अपने शिष्यों के हर गुणों और कमियों के बारे में पता कर उन्हें भविष्य के लिए तैयार करते थे | उनका एक ही मात्र लक्ष्य था कि उनका हर एक शिष्य जीवन के हर पड़ाव पर हिम्मत से आगे बढ़ता रहे

आलसी छात्र

उनके सभी शिष्यों में एक शिष्य था जो अत्यंत भोला था | स्वभाव का बड़ा ही कोमल और सरल विचारों वाला था लेकिन वह बहुत ज्यादा आलसी था | आलस के कारण ही उसे कुछ भी कार्य करने में का मन नहीं था | वो बिना कर्म के मिलने वाले फल में रूचि रखता था | उसका यह अवगुण गुरु को बहुत परेशान कर रहा था | वे दिन रात अपने उसी शिष्य के विषय में सोच रहे थे |

पारष का पत्थर

एक दिन उन्होंने पारस पत्थर की कहानी अपने सभी शिष्यों को सुनाई | इस पत्थर के बारे में जानने के लिए सबसे अधिक जिज्ञासु वही शिष्य था | यह देख गुरु उसकी मंशा समझ गये | वे समझ गये कि यह आलसी हैं इसलिए उसे इस जादुई पत्थर की लालसा हैं | लेकिन ये मुर्ख यह नहीं जानता कि जो व्यक्ति कर्महीन होता हैं |

उसकी सहायता तो स्वयं भगवान् भी नहीं कर सकते और ये तो बस एक साधारण पत्थर हैं | यह सोचते- सोचते गुरु ने सोचा कि यही सही वक्त हैं इस शिष्य को आलसी के अवगुणों से अवगत कराने का | ऐसा सोच गुरु जी ने उस शिष्य को अपनी कुटिया में बुलवाया |

कुछ क्षण बाद, कुटिया के भीतर शिष्य ने प्रवेश किया और गुरु को सिर झुकाकर प्रणाम किया | गुरु ने आशीर्वाद देते हुए कहा – बेटा ! मैंने आज जिस पारस पत्थर की कहानी सुनाई वो पत्थर मेरे पास हैं और तुम मेरे प्रिय शिष्य हो इसलिए मैं वो पत्थर सूर्य उदय से लेकर सूर्यास्त तक के लिए तुम्हे देना चाहता हूँ |

अधिक सोचना हाथ से मौका गवा देना

तुम उससे जो करना चाहों कर सकते हो | तुम्हे जीतना स्वर्ण चाहिये तुम इस पत्थर से इस दिए गये समय में बना सकते हो | यह सुनकर शिष्य की ख़ुशी का ठिकाना न था | गुरु जी ने उसे प्रातः सूर्योदय होने पर पत्थर देने का कहा, रात भर वह इस पत्थर के बारे में सोचता रहा |

दुसरे दिन, शिष्य ने गुरु जी से पत्थर लिया और सोचने लगा कि कितना स्वर्ण मेरे जीवन के लिए काफी होगा ? और इसी चिंतन में उसने आधा दिन निकाल दिया | भोजन कर वो अपने कक्ष में आया | उस वक्त भी वह उसी चिंतन में था कि कितना स्वर्ण जीवनव्यापन के लिए पर्याप्त होगा और यह सोचते-सोचते आदतानुसार भोजन के बाद उसकी आँख लग गई और जब खुली तब दिन ढलने को था और गुरूजी के वापस आने का समय हो चूका था |

आलस्य व्यक्ति की समझ पर ताला-

उसे फिर कुछ समझ नहीं आया | इतने में गुरु जी वापस आ गये और उन्होंने पत्थर वापस ले लिया | शिष्य ने बहुत विनती की लेकिन गुरु जी ने एक ना सुनी | तब गुरु जी ने शिष्य को समझाया पुत्र ! आलस्य व्यक्ति की समझ पर लगा ताला हैं | आलसी के कारण तुम इतने महान अवसर का लाभ भी ना उठ सके जो व्यक्ति कर्म से भागता हैं उसकी किस्मत कभी उसका साथ नहीं देती |

तुम एक अच्छे शिष्य हो परन्तु तुममे बहुत आलस हैं | जिस दिन तुम इस आलस के चौले को निकाल फेकोगे | उस दिन तुम्हारे पास कई पारस के पत्थर होंगे | शिष्य को गुरु की बात समझ आगई और उसने खुद को पूरी तरह बदल दिया | उसे कभी किसी पारस की लालसा नहीं रही |

आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं यह वाक्य तो सुना होगा Laziness is the biggest Enemy यह कहानी हमें कर्म का महत्व समझाती हैं | साथ ही बताती हैं कि जो व्यक्ति कर्महीन हैं उनके पास पड़ा पारस का पत्थर भी एक आम पत्थर की भांति ही हैं |

How to Overcome Laziness
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“आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु हैं”
Laziness is the Biggest Enemy

आलस्य के किस -किस कारण से आता है ?(reasons of laziness motivational story in hindi)


1- यदि आपकी नींद पूरी नहीं हुई है तो दिन भर आप आलस को अपने mind और body में महसूस करेंगे।

2- यदि आप जरुरत से अधिक खाना खाते हैं या दिन में समय पर खाना नहीं खाते हैं तो आपको आलस घेर लेगा और दिन भर परेशान करेगा।

3- यदि आप negative thinking रखते हैं तो भी आपको आलस बहुत जल्दी आ जायेगा क्योकि नेगेटिव थिंकिंग और आलस्य एक ही साथ रहते हैं।

4- यदि आप एक अस्त-व्यस्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं तो laziness आपका सबसे अच्छा दोस्त बन जायेगा।

5- छोटे-छोटे कामों को बहुत बड़ा समझने से भी आलस आपको पकड़ लेता है और आप कोई भी काम नहीं कर पाते।

आलस को दूर करने के कुछ तरीके (some ways to overcome laziness motivational story in hindi)

  1. सबसे पहले आप भरपूर नींद लें जिससे आप शरीर में थकान महसूस नहीं करेंगे और साथ ही healthy और timely खाना खाएं|
  2. पढ़ते समय हमेशा अपने posture का ध्यान रखें और हमेशा बैठकर कर ही पढ़ाई करें| कभी भी बिस्तर पर लेटकर ना पढ़ें इससे आपको नींद आने लगेगी और आप सो जाएंगे|
  3. समय-समय पर खुदको अपने goal का अहसास करवाएं और याद रखें की आप अगर अच्छी पढ़ाई नहीं करेंगे तो आपकी अच्छे result की कामना पूरी नहीं होगी
  4. एक कार्यशैली और टाइम-टेबल बना कर उसे ही फॉलो करे| इसके लिए आप को अपने खाने-पीने और सोने के समय को भी ध्यान देना होगा| ऐसा करने से आप को कभी भी आलस नहीं आएगा और निश्चित रूप से काम करने का मन करेगा|

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moral of the story

दोस्तों आप भी एक मील के पत्थर है लेकिन उसके लिए आपको सुबह जल्दी जागकर अपने आप को समय दे ,और अपने आप को पहचानो की आप क्या कर सकते हो

  • दोस्तों आप सबकुछ कर सकते हो बस अपनी खूवी को पहचानो और उस पर काम करना स्टार्ट करदे
  • और एक बार जिद्द करनी पड़ेगी फिर देखो कितनी आसानी से सक्सेस आपके पास आती है जो इंसान कुछ करने की जिद्द करता है वही सक्सेस हो पाता है

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