why desire no end ? motivational story (इच्छा का अंत नहीं)

Why is every man dependent on others for his desire ? (हर आदमी दूसरे पर निर्भर क्यों है ? )

Our desire (हमारी इच्छाएं)-

हमारी इच्छाएं ही होती हैं जो हमे हमेशा बैचैन रखती हैं और हम हमेशा दूसरों से अपेक्षा रखते हैं की वो हमारे लिए और करें। ज्यादा के चक्कर में हम दूसरों के कामों से कभी संतुष्ट ही नहीं होते। हमे हमेशा ये लगता है की दूसरा व्यक्ति कम मेहनत कर रहा है और वो उस तरह से काम नहीं कर रहा जैसी हमारी इच्छा (desire ) है।

desire -  best desirable sort story in hindi

बफादार कुत्ता loyal dog-

एक बार की बात है। देर रात का वक्त था और एक दुकानदार अपनी दूकान बंद ही कर रहा था की उसी वक़्त एक कुत्ता उसकी दूकान के अंदर आया। उसके मुँह में एक थैली लटकी थी, जिसमें सामान की लिस्ट और साथ ही पैसे भी रखे थे। दुकानदार ने लिस्ट देखी और सारा सामान निकाल दिया और फिर दुकानदार ने पैसे लेकर सामान उसकी थैली में भर दिया। उस कुत्ते ने थैली को मुँह से उठाया और वहां से चला गया।

दुकानदार ये सब देख कर काफी हैरान हो गया। उस दुकानदार ने जल्दी से अपनी दूकान बंद करी और उस कुत्ते के पीछे-पीछे जाने लगा, ये देखने की इतने समझदार कुत्ते का आखिर मालिक कौन है। कुत्ता जाकर बस स्टॉप पर खड़ा हो गया। थोड़ी देर बाद एक बस आयी और उस स्टॉप पर रुकी, बस का दरवाजा खुलते ही वो कुत्ता बस में चढ़ गया। फिर कंडक्टर के पास जाकर उसने अपनी गर्दन आगे कर दी। उसके गले की बेल्ट में बस का किराया और उसके मालिक का address भी था।

कंडक्टर ने पैसे लेकर टिकट उसकी बेल्ट में ही रख दिया, अपना स्टॉप आते ही कुत्ता आगे के दरवाजे पर चला गया और पूंछ हिलाकर कंडक्टर को बस रोकने का इशारा कर दिया। बस के रुकते ही वह कुत्ता उतर कर अपने घर की तरफ चला गया…… दुकानदार भी उसके पीछे-पीछे ही था।

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घर का दरवाजा बंद था तो कुत्ते ने दरवाजा अपने पैरों से दो-तीन बार खट-खटाया। तभी अंदर से उसका मालिक आया और उसने अपने कुत्ते की खूब पिटाई कर दी।

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loyal dog


why the owner beating the dog ? (मालिक कुत्ते को क्यों मार पीट रहा था ?)-


वो दुकानदार दूर से ये सब देख रहा था। वो दौड़ कर आया और बोला, “आप का कुत्ता इतना समझदार है फिर भी आप इसे मार रहे हैं…”!

तो वो मालिक बोला, “इसने मेरी नींद ख़राब कर दी। ये घर की चाभी अपने साथ भी तो लेकर जा सकता था….”?

सीख जो हमे इस मोटिवेशनल कहानी से मिलती है:
दोस्तों जीवन की भी यही सच्चाई है लोगों की इच्छाओं का कोई अंत नहीं है। जहाँ पर भी आप गलती करते हैं, वही पर लोग आपकी बुराई निकल देते हैं और आपकी पिछली सारी अच्छाईओं को भूल जाते हैं। इस दुनिया में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दूसरे के कामों से कभी खुश नहीं होते और ना ही कभी संतुष्ट होते हैं। फिर चाहे कोई व्यक्ति उनके लिए कितना ही अच्छा क्यों ना करे। जो लोग अपनी life से परेशान रहते हैं अक्सर वही लोग खुद को किसी भी चीज़ से संतुष्ट नहीं कर पाते।

moral of the story –

हर व्यक्ति को अपने और दूसरों के कामों से हमेसा satisfy रहना चाहिए। अगर कोई काम गलत भी हो जाये तो उसपे बहस करने की बजायी उसे सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। और साथ ही हमे अपनी इच्छाओं पर भी control रखना चाहिए। दूसरे जितना कर सकते हैं हमे उसमे खुद को संतुष्ट रखना सीखना जरूरी है।

हमे हमेसा life में अच्छे काम करने चाहिए, वो लोग जो दूसरों की help करते हैं, उनके लिए कुछ अच्छा करते हैं, बेवजह लोगों से बहस नहीं करते हैं, वो अक्सर अपनी life में खुश और satisfy रहते हैं, इसलिए आप अपने अच्छे काम करते चलो कुछ लोग आपसे कभी संतुष्ट होंगे ही नहीं।

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