Think and Grow Rich Hindi Summary ( Part – 2 )

दोस्तों नमस्कार आज हम थिंक एंड ग्रो रिच बुक की समरी का दूसरा पार्ट कम्पलीट करने वाले है | तो चलिए दोस्तो शुरु करते है | अभी तक हमने पाँच स्टेप्स पूरे कर लिए है अगर आपको वो पढ़ने है तो आप नीचे दिए गए लिंक पे जाकर पढ़ सकते है |

STEP 6- ORGANIZED PLANING:-

जब तक आपके पास कोई पक्का प्लान नहीं है आप सफल नहीं हो सकते । ऐसे लोग दूढिये जो आपके प्लान में आपकी मदद कर सके । जब आप लोगो की मदद लेंगे तो ज़ाहिर है कि बदले में आपको उन्हें कुछ फायदा या कम्पेंशेसन देना पड़ेगा ।

अपना एक ग्रुप बनाये और लगातार उनके साथ अपने प्लान के बारे में डिस्कस करते रहे । फेलियर से बचने के लिए अपने ग्रुप के साथ अच्छा वर्किंग रिलेशन कायम करे । आपको हर तरह के लोगो की ज़रुरत पड़ेगी क्योकि एक ही इंसान में हर चीज़ की नॉलेज , एक्पीरियेंस या एबिलिटी नहीं होती ।

सक्सेस पाने के लिए औरो के सहयोग और परफेक्ट हार्मोनी की ज़रुरत पड़ेगी । और इस बात का ध्यान रखे कि प्लान पर काम करने से पहले अपने ग्रुप के सभी मेम्बेर्स की राय ली जाए । अगर पहला प्लान फेल हो जाता है तो दुसरे पर काम करे । और अगर ये वाला भी नहीं चलता तो भी हार ना माने ।

तब तक नए प्लान बनाते रहे जब तक कोई पक्का प्लान नहीं हाथ लगता । याद कीजिये कि किस तरह एडिसन ने दस हज़ार बार कोशिश थी तब जाकर वे लाइट बल्ब बनाने में कामयाब हुआ । बार – बार फेल होने के बाद ही तो वो एक ग्रेट इन्वेन्टर बन पाया । “ जो हार मानता है वो कभी नहीं जीतता और जो जीतत्ता है वो कभी हार नहीं मानता ” जो हार मान लेते है उनमें जूनून की कमी होती है । लेकिन हारने के बाद भी नए प्लान बनाने वाले ही आखिर में विनर बनते है ।

फेल होने का मतलब है कि कहीं कुछ गलत है जो आपका प्लान काम नहीं कर पाया और उसमें बदलाव की ज़रुरत है । अगर थॉमस ने भी हार मान ली होती तो आज शायद कोई उसका नाम तक ना जानता । जब आप फेल होते है तो उसकी वजह ढूढिये । इसे बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते है आप ? एक नया फुलप्रूफ प्लान बनाकर उसपर नए सिरे से काम करे ।

STEP 7 – निर्णय (DECISION):-

फोर्ड मोटर्स की मॉडल टी एक ज़माने में दुनिया की सबसे बदसूरत कार मानी जाती थी । हेनरी फोर्ड को उनकी कंपनी के एडवाइज़र ने इस कार का डिजाईन बदलने की सलाह दी । लेकिन फोर्ड नहीं माने और मॉडल टी बनाते रहे । हालांकि बाद में उन्होंने उसके डिजाईन में थोडा बदलाव ज़रूर किया ।

लेकिन उससे भी पहले मॉडल टी ने उन्हें खूब कमाई करके दी । हेन्रो फोर्ड अपने तुरंत फैसलों और मज़बूत इरादों के लिए जाने जाते थे। और हर सफल इंसान के अन्दर ये क्वालिटी होती है । इसे भी पढ़े-The Wealthy Barber Book Summary In Hindi|David Chilton|अमीर नाई कभी हां कभी ना करने वाले हमेशा गरीब और फेलियर ही रहते है । जब आप तुरंत फैसले करते है तो उन पर तुरंत काम भी शुरू कर देते है ।

देर करने से सिर्फ पैसे और वक्त की बर्बादी होती है और नतीजा कुछ हाथ नहीं आता । फोर्ड ने उन लोगो की बात बिलकुल नहीं मानी जिन्होंने मॉडल टी की बुराई की थी । क्योंकि उन्हें अपने लिए गए फैसले पर पूरा यकीन था ।

अमीर लोग कोई भी फैसला करने में वक्त बर्बाद नहीं करते बल्कि उनमें धीरे – धीरे ज़रूरी बदलाव लाते है । वे आसानी से लोगो की बातो से इन्फ्लुयेश नहीं होते बल्कि खुद के आईडिया पर भरोसा रखते है। ओपिनियन इस दुनिया की सबसे सस्ती चीज़ है , कोई भी किसी को मुफ्त में सलाह देने के लिए तैयार रहता है ” अगर आप हमेशा लोगो से राय मांगते रहेंगे तो आपको कुछ फायदा नहीं होने वाला ।

ज़्यादातर लोग आपको ऐसे वाहियात ओपिनियन देंगे जो आपको डिसकरेज्मेंट ही देगी नाकि मोटिवेट करेगी । फिर चाहे वो आपके पक्के दोस्त या रिश्तेदार ही क्यों न हो। सिर्फ अपने मास्टर माइंड ग्रुप के साथ ही काउंसिल करे । सिर्फ आपका ग्रुप ही आपके साथ पूरी तरह सिम्पेथी और हारमनी रखता है क्योंकि आपका पर्पज एक ही है ।

अपने ग्रुप के मेम्बेर्स भी सोच समझ कर चुने । हम आगे के चेप्टर में मास्टर माइंड की पॉवर के बारे में बताएँगे । आपका पास खुद का एक दिमाग है तो इसे इस्तेमाल करे । सक्सेसफुल बनने की जो आग आपके अन्दर है उसकी पुकार सुने । अच्छे फैसले लेने का मतलब है कि आपको क्या चाहिए ये बात आप जानते है ।

” दुनिया का दस्तूर है कि यहाँ उसी इंसान कीकद्र होती है , जिसकी बातो में दम हो और जिसका काम बोले ” और सक्सेसफुल लोगो को पता होता है कि उन्हें क्या चाहिए और वे उसे हासिल करके ही रहते है ।

STEP 8 – दृढ़ता (PERSISTENCE):-

बेशक धीरे – धीरे मगर लगातार बड़ते रहे ” । आखिर कहीं से तो चलना शुरू कीजिये तभी तो सफलता एक दिन हाथ लगेगी । ” लागातार अपनी मंजिल की तरफ चलने से पहले अपनी मंजिल चुन लीजिये । आप क्या हासिल करना चाहते है और क्यों ? ये जानना बहुत ज़रूरी है तभी आपको मोटिवेशन मिलेगी । खुद पर यकीन रखे कि आप इतने काबिल है ।

आपके अंदर वो स्किल और नॉलेज है जो आपको सक्सेस दिला सकती है । अपने लिए एक सही प्लान तैयार करे , जो इस प्लान में आपकी मदद कर रहे है उन साथियो के साथ अच्छा रिलेशन मेंटेन करे । अपनी विल पॉवर को परख ले फिर अपने प्लान पर फोकस करे । सबसे पहले ज़रूरी है कि अपने मन का डर भगा दे ।

जो डरता है वो कुछ नहीं कर पाता है कितने ही ऐसे लोग है जो एक बड़े ” ब्रेक ” के इंतज़ार में बैठे है । कोई मनपसंद जॉब या बिजनेस अपोरच्यूनिटी उनके लिए एक बड़ा ब्रेक हो सकता है । लेकिन ऐसे लोग डिसअपोइन्टेड रहते है । ब्रेक पाने के लिए उतने ही एफोर्ट्स भी करने पड़ते है ये अचानक नहीं मिल जाता ।

लेकिन हम अपना बिग ब्रेक पा सकते है जब हम इसके लिए एक प्लानिंग करते है और उसके रास्ते पर लगातार बड़ते रहते है । अब कुछ लोग ऐसे भी होंगे जिन्होंने अपनी स्ट्रोंग डीजायर और ख़ास प्लान से ये मौका पाया होगा पाया होगा मगर सफल नही हो पाए । ऐसा क्यों ? क्योंकि उन्होंने आसानी से गिव अप कर लिया । एक बार फेल होते ही उन्होंने हार मान ली और प्लान ही छोड़ दिया । मगर ये हार तो टेम्परेरी थी इस बात को वे भूल गए ।

हार का एक ही ज़वाब है और वो है आगे बड़ते रहना । “ कई बार तो ऐसा लगता है कि कोई छुपा हुआ गाइड हमें परखने के लिए ही हमारे रास्ते में बहुत सारी रूकावटे डाल देता है। हमारी हार हमारी विल पॉवर को परखने का बस एक तरीका है ।

जब आप बिना रुके लगातार आगे बढ़ने की आदत बना लेते है तो हार कभी भी आपके रास्ते की रुकावट नहीं बनेगी । फिर जो कुछ भी आपने सोचा है उसे पूरा करके ही रहेंगे ।

STEP 9 : – POWER OF MASTER MIND:-

एक कहावत है कि ” नॉलेज इज पॉवर ” , मगर सिर्फ इसके दम पर अकेले अमीर नहीं बन सकते।नॉलेज तभी पॉवर बनती है जब इसे अपने गोल को पाने के लिए इस्तेमाल किया जाए । मास्टर माइंड ऐसे लोगो का ग्रुप होता है जो आपकी नॉलेज को बड़ा सकते है ताकि वो आपकी पॉवर बन सके ।

इन लोगो की इच्छा और मकसद वही होता है जो आपका है । इस बात को इलेक्ट्रिक बैटरी से समझते है । एक सिंगल बैटरी थोड़ी सी ही एनर्जी देगी लेकिन जब एक से ज्यादा बैटरी हमारे पास हो तो हमें लम्बे समय तक उनकी एनर्जी मिलती रहेगी । ऐसे ही जब आपके पास मास्टर माइंड ग्रुप होता है तो आपकी ताकत कई गुना बड जाती है और इनकी मदद से आप अपनी कमजोरियों को भी दूर कर सकते है ।

अपनी कारपोरेशन बनाने से पहले हेनरी फोर्ड भी एक गरीब , अनपढ़ और इग्नोरेंट इंसान थे । लेकिन उन्होंने अपना बिजनेस ऐसे पचास भरोसेमंद लोगो के साथ मिलकर चलाया जो उनके मास्टर माइंड थे । उन्होंने थॉमस एडिसन के साथ भी दोस्ती रखी थी ।

फोर्ड अपने इन भरोसेमंद और महान दोस्तों के साथ बहुत मिलनसार और सहयोगी रिश्ता बनाये रखा । अपने इसी काबिल मास्टर माइंड ग्रुप की वजह से हेनरी फोर्ड अपनी गरीबी मिटाकर इतने बड़े सफल बिजनेसमेन बन पाए । सिर्फ दस साल लगे उन्हें पढ़े – लिखे और इंटेलिजेंट बनने में । और 25 साल बाद वे अपने देश के सबसे अमीर आदमी बन चुके थे ।

एक मास्टर माइंड ग्रुप से जुड़ने के बहुत से इकोनोमिक एडवान्टेज़ तो है ही बल्कि मानसिक रूप से भी ये फायदेमंद है । ” जब भी दो दिमागी ताकते आपस में मिलती है तो एक नयी अनदेखी ताकत पैदा होती है। जो उन दोनों दिमाग के साथ मिलकर तीन दिमागों जितनी ताकत पैदा करती है ” ज़ाहिर है कि एक ग्रुप में जब इतने दिमाग होंगे तो वो एक अकेले दिमाग की ताकत को भी बड़ा देंगे ।

कुल मिलाकर कर कहे तो दो दिमाग एक अकेले से ज्यादा बेहतर सोच सकते है। अगर ग्रुप के लोगो के बीच अच्छा वर्किंग रिलेशनशिप है तो वे मिलकर किसी भी इंडीविज्युअल से ज्यादा अचीव कर सकते है । वे मिलकर कमाल कर सकते है क्योंकि एक अकेले इंसान की तुलना में उनकी ताकत कई गुना बढकर होती है ।

STEP 10- THE MYSTERY OF SEX TRANSMUTATION:-

ट्रांसम्यूटेशन उसे कहते है जब एनर्जी एक फॉर्म से दुसरे फॉर्म में बदलती है । सैक्स इंसान की सबसे ताकतवर स्टम्युली होती है । सैक्स ट्रांसम्यूट का मतलब है कि हम अपनी सैक्स एनर्जी को कई और प्रोडक्टिव कामो में इस्तेमाल कर सकते है क्योंकि इसमें बहुत पॉवर होती है । क्रियेटिविटी और बिजनेस के लिए सैक्स एनर्जी का बेहतरीन इस्तेमाल हो सकता है ।

सैक्स एक नेचुरल चीज़ है । ये इंसान की ज़रूरत की चीजों में शामिल है , आप इससे मुंह नहीं मोड़ सकते। अगर इसे काबू में नहीं किया गया तो ये एक डिसट्रकटिव हथियार बन जाता है । लेकिन अगर इसे विल पॉवर की तरह इस्तेमाल किया जाए तो इससे बहुत कुछ अचीव किया जा सकता है ।

जितने भी सक्सेसफुल म्युज़िशियन है , वकील , आर्टिस्ट और बिजनेसमेन है उन्होंने अपनी इस शरीर की भूख का इस्तेमाल अपनी क्रियेटिविटी में किया और महान बने । माइंड स्टिमुयूली करने के कई तरीके है जैसे शराब ड्रग्स या आपके मन का डर । लेकिन इन सबमे सैक्स ही सबसे स्ट्रोंग है ।

जो इंसान इस पर कंट्रोल नहीं रख पाता वो अक्सर जुर्म , गरीबी और बदहाली में ही जीता है । जिसने भी इस ताकत का सही इस्तेमाल किया उसका हमेशा भला हुआ है और वो एक जीनियस बनकर उभरता है । जीनियस इंसान किसी प्लेन के पायलट जैसा होता है।वो पहाडो और पेड़ो के ऊपर से जाता है , वो ऊँची उड़ाने लगाता है ।

सैक्स और खाना हमारे जीवन में ऊँचे पहाडो और पेड़ो की तरह है । एक जीनियस इन ओब्सट्रकशन को पार करके खुद को आज़ाद कर लेता है । अब वो अपनी क्रिएटिव इमेजिनेशन का बेहतर इस्तेमाल करके खुद के लिए तरक्की के रास्ते खोल सकता है । हमारी क्रिएटिव इमेजीनेशन सिक्स्थ सेन्स की तरह है ।

जितना ज्यादा हम उसे यूज़ करेंगे ये उतनी ही अच्छी होती जायेगी । क्रिएटिव इमेजीनेशन की प्रेक्टिस से सक्सेसफुल लोग और ज्यादा समझदार और प्रोडक्टिव बन जाते है । स्टडीज से ये प्रूव हुआ है कि सक्सेसफुल लोगो में स्ट्रोंग सैक्स एनर्जी होती है । लेकिन वो इस एनर्जी को वहां अप्लाई करते है जहाँ उन्हें अपनी क्रिएटिव आउटलेट की ज़रुरत होती है ।

जितने भी गाने , कविताये या नोवल्स है उनमे लव और सैक्स का ही जिक्र है । आपके अंदर का करिश्मा और कॉन्फीडेंस आपकी सैक्स अपील से ही झलकता है , आप किसी भी आर्टिस्ट या बिजनेसमेन को देखिये आप खुद समझ जायेंगे । आप भी अपने अंदर की इस पोटेंशियल को अपनी क्रिएटिव इमेजीनेशन के लिए यूज़ करे ।

अपनी सैक्स्युअल एनर्जी को बाहर निकालने के लिए कोई ऐसा जरिया ढूंढें जो कुछ क्रिएटिव हो ना। ताकि उसे शरीर की भूख समझ कर शांत करते रहे । आप सोच भी नहीं सकते कि आपके दिमाग में कितनी शक्ति है ।

इसका कोई अंत नहीं है इसलिए इसे खुद को महान बनाने में लगाईये । और साथ ही अपनी सैक्स्युअल एनर्जी के एडवांटेज से अपने करियर को नई उंचाइयो में ले जाईये और अमीर बनिए ।

STEP 11- THE SUBCONSCIOUS MIND:-

हम सब जानते है कि सब – कोंशेस दिमाग पर हमारा कोई काबू नहीं होता । लेकिन यही वो हिस्सा है जो हमारी सारी इच्छाये , भावनाए और फैसले लेने की ताकत को कण्ट्रोल करता है । हम बस ये करना है कि हम अपने मन को हमेशा पोजिटिव विचारों से भरा रखे । धीरे – धीरे यही पोजिटिव विचार हमारे सब – कोंशेस मन में बैठते चले जायेगे ।

ये एक तरीका है जो धीरे – धीरे हमें सफलता की ओर ले जाएगा । अपने सब – कोशेस को इम्प्रूव करने के लिए अपने दिमाग में यकीन , प्यार , सक्सेस , जोश , रोमांस और उम्मीद से भरे ख्याल लाये । कभी भी अपने दिमाग में बेकार का डर , किसी से नफरत , जलन और बदले की भावना या लालच और अंधविश्वास जैसे विचार ना रखे ।

कोशिश करे कि ये नेगेटिव विचार आपके दिमाग में आये ही ना । नेगेटिव सोचने से आपको कभी भी सफलता नहीं मिल सकती और ना ही आप अमीर बन सकते है । इससे आप और ज्यादा गरीबी के दलदल में डूब जायेगे । अभी आपके पास अपना खद का एक पर्सनल प्लान है आप अमीर बन सकते है । इससे आप और ज्यादा गरीबी के दलदल में डूब जायेगे ।

अभी आपके पास अपना खुद का एक पर्सनल प्लान है जिसमे दम पर आप सक्सेस पा सकते है । आप जानते है कि आप कैसे अमीर बन सकते है , हालांकि वो प्लान अभी आपके सब – कोंशेस मन में बंद पड़ा है , उस तक पहुचने के लिए आपको पहले अपने नेगेटिव विचारों से छुटकारा पाना होगा । पहले पोजिटिव ख्यालो को अपने दिमाग में लाने की कोशिश कीजिये ताकि आप इसे और बेहतर समझ सके । हर दिन छोटी – छोटी बातो से शुरुवात करे ।

अपनी चाहतो को , प्यार , सैक्स , उम्मीद , रोमांस , जोश और खुशियों को अपनी आदत बना ले और लालच , डर , गुस्से जलन और बदले की भावना से छुटकारा पाए ।

STEP 12- THE BRAIN:-

इंसानी दिमागी दुनिया की सबसे पावरफुल मशीन है । इसे सेंडिंग और रीसिविंग डीवायस दोनों के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है । हमारे विचारो की ताकत का हमारी सफलता में एक बड़ा हाथ होता है । जो भी तेरह स्टेप्स यहाँ बाताये गए है उनके बारे में सोचकर आप अपने सफर की शुरुवात कर सकते है । आपकी इच्छा से लेकर आपकी इमेजीनेशन तक और आपके पेर्सिसटेन्स तक हर चीज़ की प्लानिंग आप अपने दिमाग में करके रख सकते है ।

क्या आप जानते है कि हमारे दिमाग के सेरेबल कोर्टेक्स ( cerebral cortex ) में दस से लेकर चौदह बिलियन नर्व सैल्स पाई जाती है ? इससे भी मज़ेदार बात ये है कि ये सारी सैल्स एक खास तरीके से आर्डर के हिसाब से अरंज है । नर्व सैल्स के अरेंज्मेंट का ये तरीका हम इंसानों को फिजिक्ली और मेंटली काम करने लायक बनाता है ।

हमारे इमोशनल और मेंटल स्टेट के लिए भी हमारा ब्रेन ही जिम्मेदार होता है । ये बिल्कुल सच है कि हम वाकई में सोचने की ताकत से ही अमीर बन सकते है । अपने दिमाग में पोजिटिव विचारो को भरकर हम अपने लिए अच्छे मौके खुद ही ढूढ़ सकते है , अपने जूनून को हम असलियत में उतार कर अपने सपने पूरे कर सकते है ।

हमारे अंदर वो पॉवर है कि हम तुरन्त फैसले भी ले सकते है और हारने पर फिर से कोशिश कर सकते है। और हम अपनी सैक्सुअल एनर्जी का इस्तेमाल अपनी क्रियेटिविटी निखारने के लिए भी कर सकते है।

और ये सब हमारे इस छोटे से दिमाग के अन्दर ही हो सकता है । अगर आप रोज़ खुद को प्रेरित करने की प्रैक्टिस करे तो अपनी नॉलेज और पोटेंशियल दोनों बड़ा सकते है । और सफल होने के लिए आपको यही तो चाहिए । अपने दिमाग के साथ – साथ बाकियों के दिमाग की ताकत का इस्तेमाल करके भी आप बहुत कुछ हासिल कर सकते है ।

मेंटल टेलीपेथी मुमकिन चीज़ है अगर आप अपने मास्टर माइंड ग्रुप के साथ मिलकर इस पर बारीकी से काम करे तो । इसके लिए आपस में डिसकसं करे जिससे आप अपने विचारो को दुसरो के साथ बांट कर एक सिंगल ब्रेन की तरह सोच पाए । इस्तेमाल करे अपने ब्रेन की पॉवर का , हमेशा इसे नए – नए आईडिया से प्रेरित करते रहे ।

जो कुछ भी आपने इस समरी से सीखा उसे रियल में अप्लाई करने की कोशिश करे और उसे अपनी आदत में शुमार कर ले । आप चाहे तो किसी भी चैप्टर में जाकर फिर से उन बातो को दोहरा सकते है । उन स्टेटमेंट को मन ही मन दोहराए जो आपको मनी – कोशेस बनायेंगे । आप अपनी फिनेंशियल सक्सेस से अब ज्यादा दूर नहीं है ।

STEP 13- THE SIXTH SENSE:-

अमीर और सक्सेसफुल बनने के लिए इन तेरह स्टेप्स का आखिरी स्टेप है सिक्स्थ सेन्स । जब तक आप बाकि के बारह स्टेप्स में महारत हासिल नहीं कर लेंगे तब तक आप इस सिक्स्थ सेस तक नहीं पहुच सकते। ये सिक्स्थ सेस हमारे सब – कोंशेस माइंड का एक हिस्सा है जो हमारी क्रिएटिव इमेजिनेशन को संभालता है ।

ये ही हमें दुनिया की इनफिनाइट इंटेलिजेंस से जोड़ता है । कभी – कभी हम विचारो को अपने दिमाग में फ्लेश की तरह देखते है जिसे ह्ल्स ( ” hunches ” ) कहते है । ऐसा तब होता है जब हमारी सिक्स्थ सेन्स काम कर रही होती है । लेकिन इसे हर कोई महसूस नहीं कर सकता । बहुत गहराई से ध्यान लगाने से ही हम इसे अचीव कर सकते है ।

जितने भी महान लोग हुए है जैसे थॉमस एडिसन , अब्राहम लिकंन और मोहम्मद वगैरह वे अपनी सिक्स्थ सेस को यूज़ करके ही महान बन पाए । अपने इन्ही हुन्चेस ( ” hunches ” ) से उन्हें कुछ बड़ा काम करने की मोटिवेशन मिलती रही । ये सिक्स्थ सेन्स हमारी मेंटल और स्पिरिचुअल स्टेट दोनों को जोडती है ।

ये एक मीडियम की तरह काम करती है जो हमारे दिमाग को इस अनंत ब्रहामंड के साथ कनेक्ट करता है । हमारी सिक्स्थ सेन्स ना केवल हमें क्रिएटिव आईडियाज देती है बल्कि कई बार आने वाले खतरों का भी इशारा कर देती है | इन्फीनाइट इंटेलिजेंस वो पॉवर है जो दुनिया की हर चीज़ के कण यानी एटम में होती है । इसके अंदर पूरे ब्रहमांड की एनर्जी समाई होती है । यही वो शक्ति है जिससे पानी हमेशा नीचे की ओर ही बहता है |

रात के बाद दिन निकलता है , और सर्दी के बाद गर्मी आती है । इसी की वजह से ब्रहमांड की हर चीज़ एक दुसरे से किसी ना किसी रूप से जुडी हुई है । ‘ हम भी अपनी सिक्स्थ सेंस की प्रेक्टिस करके खुद को इन्फ़ीनाइट इंटेलिजेंस के साथ जोड़ सकते है । जैसा कि सभी जीनियस करते है हम भी अपने सपनो को मटिरियल फॉर्म यानी हकीकत बना सकते है ।

क्योंकि हम इंसानों के पास ही सपने होते है , इच्छाए होती है जो हमारे दिमाग को डोमिनेट करके रखती है। हम अपनी हार या जीत खुद चुन सकते है और अपनी सोचने की पॉवर से सफलता हासिल कर सकते है । सफलता का रास्ता हमारे सपनो से ही शुरू होता है । जैसे – जैसे आप इन तेरह स्टेप्स पर आगे बड़ते जायेंगे आपको विजडम मिलता जाएगा ।

अपनी सक्सेस के लिए बहुत ज़रूरी है कि खुद को और दुसरो को जाने। आखिर में एक सक्सेसफुल आदमी ही इस लॉज़ ऑफ़ नेचर और खुशियों के तरीके को समझ सकता है । हम फिर कहते है कि आप जब चाहे तब इन तेरह स्टेप्स पर जाकर इन्हें दोहरा सकते है ताकि माइंड स्टीमुलेशन के हाई लेवल को आप पा सके ।

अब आपके पास 13 स्टेपस  है तो आप धनी है।जिसके लास्ट चैप्टर में आप सीखेंगे कि डर को अपने मन से कैसे दूर किया जाए । क्योंकि जब तक आप इसे दूर नहीं करेंगे ये आपको एक लिमिट में बाँध कर रखेगा । और बिना इस डर को जीते आप अमीरी की राह पर पाँव नहीं बड़ा सकते है । डर के छः भूतो को अपने मन से कैसे भगाए ( हाउ टू आउटविट द सिक्स घोस्ट्स ऑफ़ फियर ):- कुछ ऐसे छुपे हुए दुश्मन होते है जो हमें दौलतमंद नहीं बनने देते ।

और वो दुश्मन है असमंजस , शक , चिंता और नेगेटिव ख्याल । इसमें से एक भी ख्याल आपके मन में है तो बाकी खुद ही आ जाते है । जब तक आप इनसे लड़कर इन्हें दूर नहीं करेंगे ये आपको तंग करते रहेंगे । कभी हाँ , कभी ना और खुद पर यकीन ना होने से हमारे अंदर एक अजीब सा डर पैदा होता है । हम यहाँ आपको ऐसे ही छेह बेसिक डरो के नाम बता रहे है हो है गरीबी का डर , आलोचना का डर , खराब सेहत का डर , प्यार खोने का डर , बुढापे का डर और मौत का डर ।

इनमे से हर डर हमारी काबिलियत को कम उसे एक लिमिट में बाँधने लगता मगर असलियत में ये सभी डर सिर्फ हमारे दिमाग की उपज है और कुछ नहीं । इसका सीधा मतलब है कि इस डर पर काबू पाया जा सकता है । एक ऐसी चीज़ जिसपर पूरी तरह से हमारा कंट्रोल होता है और वो है हमारे विचार ।

“ जैसे ही कोई ख्याल हमारे दिमाग में आता है वो उसी वक्त फिजिकल हो सकता है ” यही इसकी सबसे बड़ी पॉवर है । जो ख्याल आपके दिमाग में घूम रहे होते है वही आपकी सोशल , प्रोफेशनल और फिनेंशियेल डेस्टिनी बन जाते है । जब आप लगातार बीमारी के बारे में सोचते है तो सच में बीमार पड़ने लगते है । ये मानी हुई बात है । इसीलिए तो कहते है कि हमें अपनी विल पॉवर स्ट्रोंग करनी चाहिए । कुछ लोगो बाकियों के मुकाबले ज्यादा किस्मतवाले और सुपीरियर लगते है । ऐसा उनकी थिंकिंग की वजह से होता है । वे खुद को लकी और बेहतर समझते है तो बाकी भी उन्हें ऐसे ही देखते है ।

जैसा हम सोचते है वही हम बनते है । जब कोई आपकी आलोचना करे तो उसे दिल पे ना ले । अपनी विल पॉवर को क्रिटिक्स से कमज़ोर ना होने दे । उन रिश्तेदारों की बिल्कुल भी ना सुने जो आपसे कहते है कि “ आप ये नहीं कर सकते ” । क्रिटिक्स की बातो पर ध्यान देने से आपकी इमेजिनेशन तो बर्बाद होगी ही , ये आपके कांफिडेंस को भी कम कर देगा और इंडीविजुएल तौर पर आपकी काबिलियत उभर नहीं पाएगी । इसलिए अपने कान बंद कर लीजिये ताकि आप उनकी बाते सुन ही ना सके । “

अपने दिमाग के सब दरवाजे उन लोगो के लिए बंद कर लो जो आपको हर तरह से डीप्रेश या डिसकरेज करते है ” खुद को हर चिंता से दूर रखे । ये कभी ना सोचे कि लोग क्या सोचेंगे । बुढापे और मौत की हकीकत स्वीकार करे क्योंकि ये एक दिन सबको आएगी । अगर आप प्यार को खोने से डरते है तो खुद से प्यार करना सीख ले । “ जिंदगी में ऐसा कुछ भी नहीं जिसकी वजह से आपको चिंता करनी पड़े ” ” अपने लिए मन की शान्ति और खुशियाँ चुने ।

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