The Power of Now Hindi Book Summary

The Power Of Now – Eckhart Tolle

इस किताब (The Power of Now Summary in Hindi) को पढ़कर आपको अपने Brain के painful विचारों को control करने में सहायता मिलेगी। आप हमेशा ख़ुशी की state में जीना सीख जायेंगे। इससे आपकी body energy से भरी रहेगी और आप बीमार भी कम ही पड़ेंगे।

Author: Eckhart Tolle

The Power of Now(Summary in Hindi)

1) Separate Your Mind and Body

हमारे दुखों का कारण हमारा Brain होता है। कई बार Brain past में हुई बुरी घटनाओं के बारे में सोचने लगता है। इससे हम दुखी हो जाते हैं। और इसका खामियाजा हमारी body को भी भुगतना पड़ता है।

क्युँकि Brain जब दुखी होता है तो हमारी Adrenal Gland कुछ stress hormones छोड़ती है। जिनका नाम cortisol और adrenaline होता है।

इन hormones की वजह से हमारी धड़कन बढ़ जाती है, सांस तेज हो जाती है, मुँह सूखने लगता है। और हमें stress हो जाता है।

Stress जब लम्बे समय तक चलता है तो वह डिप्रेशन में बदल जाता है। और डिप्रेशन की वजह से immunity कम हो जाती है। इससे हमारे शरीर को तरह -तरह की बीमारियाँ लगने लगती हैं।

इसलिए लेखक ने कहा है कि Brain को Body से अलग करना सीखें। अर्थात ब्रेन के negative विचारों को body तक न पहुँचने दें। इससे हमारे अंदर stress hormones नहीं निकलेंगे और body स्वस्थ रहेगी।

गौतम बुद्ध ने meditation के जरिये ऐसी स्थिति हासिल कर ली थी । वे अपने Brain को कण्ट्रोल कर लेते थे। और उसके बुरे विचारों का प्रभाव बॉडी पर पड़ने ही नहीं देते थे।

2) Observe Your Mind

अपने body को Brain से detach कर लेने के बाद आप अपने Brain पर फोकस करें। और यह समझें कि
आपकी कौन सी thinking आपको pain दे रही है।

क्या आपको दूसरे से जलन हो रही है ? तो ऐसे विचारों से खुद को detach करें। यह समझें कि संसार की हर चीज नश्वर है। राजाओं के राज भी चले जायेंगे। बड़ी -बड़ी फैक्ट्री भी यहीं रह जाएँगी। फिर आप दूसरे से क्या ईर्ष्या कर रहे हो।

सबकी achievements भी यहीं रह जाएँगी। हर कोई बुढ़ापे और अंततः मौत की तरफ ही तो बढ़ रहा है। यही शास्वत सत्य है।

मौत को हमेशा याद रखें। इससे आप किसी भी चीज से attach नहीं रहेंगे। और negative विचार भी आपको तंग नहीं करेंगे।

3) Live in Present

कुछ लोग past में ही जीते रहते हैं। और कुछ Future में। दोनों ही situation में आदमी दुखी ही रहता है।

कुछ लोग past में मिले failure का रोना ही रोते रहते हैं। उन्हें समझना चाहिए कि past कभी वापस नहीं आएगा। और वे कितना भी आँसू बहा लें किसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

अगर एक student fail होने पर रोता रहे तो क्या उसके marks बढ़ जायेंगे ? जब ऐसा नहीं होना है तो दुखी क्यों हुआ जाये। इससे आपके शरीर पर बुरा असर पड़ता है।

इसी तरह कुछ लोग Future की चिंता में डूबे हुए हैं। Students चिंता में जी रहे हैं कि competitive exam कैसे clear होंगे ! जॉब वाले चिंता में जी रहे हैं कि प्रमोशन कैसे होगी। हर कोई Future की तरफ भागे जा रहा है।

लेकिन इस चक्कर में लोग अपनी मौजूदा life ही ठीक से नहीं जी पाते।

इसलिए present में जीना सीखें। जो कुछ भी आपके पास आज है उसके लिए Universe को धन्यवाद दें। ऐसा करने से आपका दिल ख़ुशी से भर जायेगा। और आपको लगेगा आपके पास सब कुछ है।

छोटी -छोटी चीजों में ख़ुशी ढूँढ लें। कभी भी खुद को दूसरे से compare ही न करें। अपने झोपड़ें में ही ढोलक
बजा कर ख़ुशी पैदा की जा सकती है। हो सकता है महल वाला हजार tensions में जी रहा हो।

4) Accept the Tragedies (The Power of Now Summary in Hindi )

जरा सी मुसीबत आने पर बहुत से लोग सोचने लगते हैं – हे भगवन मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है ?

लेकिन यह एक negative statement है जो हम अपने दिमाग को दे रहे हैं। और इससे दिमाग बेहद demotivate हो जाता है। फिर वह अपनी तरफ और problems आकर्षित कर लेता है। इसलिए negative वाक्य न बोलें।

क्युँकि ऐसा नहीं है कि आपकी life में ही problem है। सबको कोई न कोई problem होती ही है।

इसलिए ऐसा mindset बना लें कि डेली कुछ problems तो आयेंगी ही। लेकिन आप उन्हें सुलझाते जाइये और जीवन का मजा उठाते जाइये। जितना आप solve कर सकते हैं उतना ही कीजिये। लेकिन ऐसा बिना परेशान हुए करें।

दूसरों की help ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए हमेशा पहले से ही दूसरों की help भी करते रहिये। क्युँकि help वापस आती है।

कोई tragedy होने पर अत्यधिक दुखी न हो जायें। बल्कि उसे विधि का विधान जानकर accept करें।
खुद को संभाल कर फिर से आगे बढ़ने की कोशिश करें।

यही जिंदगी जीने का तरीका है।

5) Be in Alert State

अच्छे दिन आने पर लोग मजे में डूब जाते हैं। और अपनी जिंदगी पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। लेकिन जिंदगी पल -पल बदल सकती है।

इसलिए हमेशा सजग रहें। अगर आप कोई creative काम करना चाहते हैं तब तो आपको हमेशा alert रहना चाहिए।

क्युँकि creative विचार अचानक से आते हैं। वे कभी भी कहीं भी आ सकते हैं। हो सकता है आप सब्जी खरीद रहे हों तब आ जाये या कहीं यात्रा कर रहे हो तब आ सकते हैं। उन्हें उसी समय नोट कर लें। क्युँकि वे जल्दी से गायब भी हो जाते हैं।

इसी तरह life में कोई न कोई नयी घटना किसी दिन जरूर होगी। इसलिए यह मान कर निश्चिंत न बैठ जायें
कि मेरी life में तो सब कुछ अच्छा है। Problems के लिए भी ready रहें और खुशी के पलों के लिए भी।

6) Ego is Destructive – book The Power of Now Summary in Hindi

कुछ लोग जीवन में जरा सी सफलता पाते ही ego यानि अहंकार से भर जाते हैं। वे अपने सामने किसी को कुछ नहीं समझते। लेकिन इससे उनका खुद का पतन शुरू हो जाता है।

क्युँकि ego वाला व्यक्ति negative vibes छोड़ता है। और लोग अंदर ही अंदर उससे नफरत करने लगते हैं। वे उससे दूर होने लगते हैं।

इंसान social animal है। उसे society की जरुरत पड़ती रहती है। लेकिन अगर society के लोग आपको नापसंद करेंगे तो मुसीबत आने पर आपको help भी नहीं मिलेगी।

साथ ही लोगों के नापसंद करने पर ऐसे आदमी का stress level बढ़ा रहता है। उसके झगड़े भी बढ़ जाते हैं।
इससे उसका stress और बढ़ जाता है।

वह अंदर ही अंदर परेशान रहता है। और उसे कई तरह की heart संबंधी बीमारियाँ होने का खतरा रहता है।

इसलिए कभी भी ego न पालें। Success मिलने पर भी humble रहें। हवा में न उड़ने लगें। इससे और किसी की नहीं बल्कि आपकी खुद की सेहत अच्छी रहेगी।

7) Feel the Energy of Universe

कई बार हम boring काम करते -करते थक जाते हैं। लेकिन घर आकर हमें कोई disco club चलने को बोल दे तो हम energy से भर जायेंगे।

इसका सीधा मतलब है कि हमारे अंदर energy का खजाना होता है। बस हमें उसे इस्तेमाल करना नहीं आता।

कुछ लोग लगातार 16 घंटे पढ़ने के बाद भी नहीं थकते। या कुछ players देर तक practice करने से भी नहीं थकते। वे अनजाने में ही सही अपने अंदर energy के खजाने का इस्तेमाल कर रहे होते हैं।

आप भी अपने अंदर Universe की energy को महसूस करें। आँखे बंद करके खुद से कहें कि आप Universe का ही भाग हैं और आपके अंदर Universe की energy है।

इसके साथ – साथ अपना काम करते हुए खुश रहना सीखें। अपने काम में पूरा interest लें। इसे किसी reward से भी लिंक कर लें। साथ ही कर्म को पूजा मानें। उसे करते हुए आपको सच में spirituality का अहसास होना चाहिए। हर काम smile के साथ करें।

इन सब तरीकों से आपके अंदर की energy कभी भी कम नहीं होगी।

8) Relationships detachment (The Power of Now Summary in Hindi )

मानव , रिश्तों की मोहमाया में उलझा हुआ है। किसी माँ को बेटे के दूर जाने का गम सता रहा है। तो किसी को अपने lover से न मिल पाने का।

रिश्तों से ज्यादा attachment अच्छी नहीं है। निर्वाण प्राप्ति के मार्ग में इस attachment को सबसे बड़ी बाधा माना जाता है।

गौतम बुद्ध ने अपनी इस मोहमाया का त्याग कर दिया था। वे अपनी पत्नी और बच्चों को छोड़ कर ईश्वर की
खोज में निकल पड़े थे। और तभी उन्हें निर्वाण प्राप्ति हुई थी।

लेकिन सबको ऐसा करने की जरुरत नहीं है। बस आपको किसी के भी प्रेम में अँधा नहीं होना है।

अगर आपके बच्चों को time से घर आने में देर हो जाये तो दुःख में पागल न हो जायें। बस फ़ोन करके वजह पूछ लें। इसी तरह अभ्यास करने से आप अपनी attachment को कम कर पायेंगे। इससे आपके दुखों का कारण भी कम हो जायेगा ।

दूसरी बात यह भी है कि हर कोई अपना ख्याल खुद रख लेता है। सबको अपनी जिंदगी प्यारी होती है। इसलिए आप उनकी इतनी चिंता न करें। आप बस अपने mental और spiritual health को दुरुस्त रखें।

9) Detach to Find Peace

बहुत से लोग materialist होते जा रहे हैं। वे संसार के भौतिक सुखों में ख़ुशी ढूँढ रहे हैं। और जब उन्हें वे नहीं मिलते तो वे दुखी हो जाते हैं।

उन्हें कभी भी मानसिक शाँति नहीं मिलती। अगर लोगों को भौतिक सुख मिल भी जायें तो भी उनका लालच कम नहीं होता।

कभी उन्हें मोबाइल का latest version चाहिए। कभी दोस्त से ज्यादा बड़ी और महंगी गाड़ी चाहिए। आदि।

Materialistic चीजों में आसक्ति ही दुखों का कारण है। इसलिए इन चीजों से भी मोहमाया त्याग दें।

कई बार शेयर मार्किट में loss होने पर कुछ लोग गम से पागल हो जाते हैं। क्युँकि वे पैसे से attached हो जाते हैं। लेकिन इस से उनकी जिंदगी खराब होती है। ऐसे में उन्हें खुद को इस सब से detach कर लेना चाहिए। सुखों को जरूर भोंगे लेकिन उनसे attachment न पालें।

जब कोई इंसान पैसा आदि खो जाने पर भी मुस्कुरा सके, तो समझ लेना चाहिए कि उसने मानसकिक शांति और सच्ची ख़ुशी को प्राप्त कर लिया है।

10) Surrender Vs Resign – The Power of Now Summary in Hindi

कुछ लोग असफलता मिलने पर हार मान लेते हैं। वे दुःख के सागर में डूब जाते हैं। और दुबारा कुछ भी बड़ा करने की कोशिश ही नहीं करते।

कुछ तो अवसाद (depression ) में चले जाते हैं। और कुछ लोग शराब, सिगरेट , ड्रग्स आदि लेने लगते हैं। और अपनी जिंदगी को चौपट कर देते हैं।

लेकिन ऐसा रवैया गलत है। गीता में लिखा है – क्यों व्यर्थ चिंता करते हो ? किससे व्यर्थ डरते हो ? तुम्हारा क्या खो गया जो तुम लाये थे ? जो लिया यहीं से लिया। जो दिया यहीं दिया।

इसलिए कभी भी हार (resign) न मानें। बल्कि खुद को ईश्वर या ब्रह्माण्ड के चरणों में समर्पित (surrender) कर दें। अपनी गलतियों से सीखें और फिर से कोशिश करें।

विश्वास और कोशिश करते रहने से ही सफलता मिलती है। इसलिए कभी भी विश्वास को न खोने दें। और निरंतर प्रयास करते रहें।

समाप्त।

दोस्तो, The Power of Now Summary in Hindi आपको कैसी लगी comment करके बतायें। पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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